बुधवार, 23 अक्टूबर 2013

डां. ईश्वर रमानी जैसा मैंने पाया : Dr. ISHWAR RAMANI-As I found

hindiblogger.googlecode.com/files/testcode.js' type='text/javascript'/>
Dr.Ishwar Ramani

 डां. ईश्वर रमानी  जैसा मैंने पाया 

                                                                      


निवास:सेक्टर 5 गली नम्बर ,-भिलाई (छ्ग़.)
डा. साहब को मै काफ़ी समय से जानता हूं , मेरे विचार से सैकडों / हजारों में एक  ऐसे रहते है , एक तो  एम.बी.बी.एस , तिस पर  होमियोपैथी की प्रेक्टिस !! एक एलोपैथी का डाक्टर जमी जमाई प्रेक्टिस को छोड़कर होमियोपैथी करने लगे तो आश्चर्य तो होगा ही , ऐसा बहुत कम लोग कर पाते है। दरअसल खोजी कीड़ा बहुत कम लोगो के दिमाग में कुलबुलाता है. हजारों डाक्टर डिग्री लेने के बाद केवल पैसा कमाने पर ही ध्यान देते आये, पर ये जीव तो अलग ही निकला। इसके पीछे भी रोचक कहानी है. कांकेर (बस्तर) में मलेरिया के मरीज आते ही रहते थे., एक बार एक मरीज आ गया जिसका इलाज डां साहब ने करना शुरू किया , पर दुर्भाग्य से एलोपैथी की चारो -पांचो दवाईया असफल हो गयी , इधर वो मरीज लगातार आते रहा था, इसके बाद तो तो ये परेशान  हुए।  अब क्या करे. उन्होंने ने होमियोपैथी का प्रयोग कर देखा , और आश्चर्यजनक रूप से मरीज ठीक हो गया , ब्लड टेस्ट भी कराकर निश्चित किया. इसके पहले एलोपैथी  डाक्टरों की तरह होमियोपैथी पर ज़रा भी विश्वास नही करते थे. (होमियोपैथी के जनक डां  हनीमैन  भी एलोपैथी के डाक्टर थे जिन्होंने होमियोपैथी की खोज की , वह भी मलेरिया की दवा से ही शुरू हुआ.). बस्तर में जो मलेरिया विकसित हुआ था उसमे मलेरिया की लगभग सारी दवाईयों का प्रतिरोध विकसित हो गया था। इसके बाद रमानी जी ने कुछ और मरीजो पर होमियोपैथी आजमा कर देखना शुरू किया , और सफल रहने बाद झुकाव बढने लगा। पथरी आदि रोगों पर आज़माने के बाद तो जैसे नए प्रयोगों का भूत सवार हो गया। हजारो रुपयों की किताबे खरीद कर उन्हे पढने में डूब गये. वैसे भी जानते थे की एलोपैथी में अनेक रोगों का इलाज नही, पर धंधे के कारण दवाईयाँ  देना डाक्टरों की मजबूरी रहती है, जिसका साईड इफ़ेक्ट भी होता है.
                              एक दवा दो,  एक मर्ज ठीक हुआ , अब दवाईयों  की वजह से जो साईड इफेक्ट  हुआ, उसका इलाज शुरू हो जाता था , पर ये सच्चाई बताई भी नही जा सकती मरीजो को, इससे गलत बाते फ़ैलने लगती। दूसरे डाक्टरों को कुप्रचार करने का मौक़ा मिल जाता। आखिर दिमाग बदल ही गया , १२ साल से जमी जमायी एलोपैथी की प्रेक्टिस किनारे कर पूरी तरह से होमियोपैथी से ही मरीजो को ठीक करने में लग गये (ऐसा कोई करने का साहस विरले ही कर सकते है ! ).   अब कोई एलोपैथी के लिए जिद करता तो मुफ्त में दवाई लिखाकर दे देते, पैसा नही लेते उसका. यह बात 1994 के लगभग की है , तब से ये सिलसिला चला ही आ रहा है होमियोपैथी का . आजा के जमाने में पैसे के पीछे न भागने और केवल लक्ष्य के पीछे भूत बनकर पडे रहने वाले डाक्टर विरले ही होते है.
                  इनकी विद्वता को कुछ लोग ही जानते थे जो काफ़ी निकट से जानते थे और समझदार वर्ग के थे  . हम लोग कहा करते थे की रमानी, कांकेर जैसे छोटे शहर के लायक नही, इनका महत्व  तो बडे शहरों में आंका जा सकता है.  ऐसा प्रायोगिक दिमाग के विरले ही होते है.
                 मेरे सामने एक धर्म संकट भी आने लगा. दरअसल पहले तो मै एक मरीज के रूप में ही जाता था, पर पहचान बेहद पुरानी होने लगी दोस्त की तरह, तो पैसे देने में मै कतराने लगा ,कि  मित्रता के बीच पैसे का व्यवहार अच्छा नही , आखिर पैसा  ही तो खून के रिश्ते को भी बिगाड देता है, अत: किसी का भला कर देना मेरे नाम से, इस बहाने से मै  एक मुश्त राशि देने लगा, बिना हिसाब के। इससे  मित्रता पर कोई आंच न आया. जैसे सभी मित्रो से मेरा व्यवहार बना रहता है, वैसे इनसे भी बना रहा. इनकी एक खासियत और भी देखता रहा, साधारण केसेस में  रूचि लेने की बजाय चुनौतीपूर्ण मामले में इन महाशय को ज्यादा ग्लैमर नजर आता है, जिसमे संतुष्टि  भी मिलती है। और यही है विद्वता की पहचान ! धन की बजाय विद्या पर अधिक ध्यान ! मुझे गर्व होता है की डां. ईश्वर रमानी जैसा व्यक्ति मेरा मित्र है.

1 टिप्पणी:

narcisosadek ने कहा…

Casino Promo Codes & Coupons 2021 - KTM Hub
No promo 구미 출장샵 codes. This is 청주 출장마사지 the first casino promo code for 남양주 출장안마 a new 광명 출장마사지 customer. Casino Promo Codes, 안성 출장안마 Coupons, and Coupons 2021.